BNSS धारा 336 – न्यायालय में गवाही देने की प्रक्रिया
BNSS धारा 336 – न्यायालय में गवाही देने की प्रक्रिया
श्रेणी: आपराधिक प्रक्रिया | BNSS Series
✍️ परिचय:
किसी भी आपराधिक मुकदमे में गवाहों की गवाही (Testimony) सबसे अहम भूमिका निभाती है। गवाही के माध्यम से अदालत यह तय करती है कि अपराध हुआ या नहीं, और आरोपी दोषी है या नहीं। BNSS (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की धारा 336 CrPC की धारा 273 के स्थान पर गवाही की प्रक्रिया को नियंत्रित करती है।
📜 धारा 336 – मुख्य प्रावधान:
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गवाह की उपस्थिति जरूरी:
सभी गवाहों की गवाही न्यायालय के समक्ष, आरोपी की उपस्थिति में ली जाती है। -
आभासी गवाही (Virtual Testimony):
BNSS के तहत अब गवाहों की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या ऑनलाइन माध्यमों से भी संभव है। -
बच्चों और पीड़िताओं के लिए विशेष प्रावधान:
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यदि गवाह नाबालिग बच्चा है या यौन अपराध की पीड़िता है, तो उसकी गवाही इन-कैमरा (गोपनीय रूप से) ली जाती है।
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विशेष रूप से प्रशिक्षित अधिकारी उसकी मदद करता है।
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जिरह (Cross Examination):
बचाव पक्ष को हर गवाह से प्रश्न पूछने का अधिकार होता है, जिसे जिरह कहा जाता है। इसका उद्देश्य गवाह की विश्वसनीयता को जांचना होता है।
📌 BNSS में नया क्या है?
| बिंदु | CrPC (धारा 273) | BNSS (धारा 336) |
|---|---|---|
| गवाही का तरीका | शारीरिक रूप से उपस्थिति | ऑनलाइन/डिजिटल गवाही मान्य |
| पीड़िता का संरक्षण | सीमित | इन-कैमरा कार्यवाही अनिवार्य |
| बच्चों के लिए सुविधा | उल्लेख नहीं | मानवता और सहूलियत आधारित प्रावधान |
🎯 उदाहरण:
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कोई महिला यदि रेप की पीड़िता है, तो उसकी गवाही कोर्ट में खुली अदालत में नहीं, बल्कि गोपनीय और सुरक्षित माहौल में ली जाएगी।
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कोई गवाह विदेश में है, परंतु उसका बयान ज़रूरी है — तो वीडियो कॉल के माध्यम से गवाही संभव है।
❗ ध्यान दें:
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यदि आरोपी अदालत में उपस्थित नहीं है, तो विशेष अनुमति से गवाही हो सकती है
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यदि कोई गवाह बार-बार अदालत नहीं आ रहा, तो उसे बलपूर्वक बुलाने (Summon/Warrant) का प्रावधान है
निष्कर्ष:
BNSS धारा 336 ने गवाही की प्रक्रिया को ज्यादा मानवीय, सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम बना दिया है। इससे पीड़ित और गवाह अब डर के बिना न्याय में सहयोग कर सकते हैं, और न्यायालय की प्रक्रिया तेज होती है।
✉️ संपर्क करें:
यदि आप किसी केस में गवाह हैं या आपकी गवाही कोर्ट में सुरक्षित ढंग से होनी चाहिए, तो विशेषज्ञ सलाह लें:
एडवोकेट अनुराग गुप्ता
📱 मोबाइल: 8240642015
📲 व्हाट्सएप: 8931942803
📧 ईमेल: gripshawlaw2005@gmail.com
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